गुरु पूर्णिमा-भगवा ध्वज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

भारतीय संस्कृति में गुरु की महत्ता सृष्टि के आरंभ से ही अपने चिरकालिक शाश्वत स्वरूप में दिखाई देती है। जो विभिन्न कालप्रवाहों में भी कभी बाधित नहीं हुई। भारतीय संस्कृति…

भाषायी विवादों के पीछे विभाजनकारी षड्यंत्र

संत ज्ञानेश्वर और हिंदवी स्वराज्य प्रणेता छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यभूमि में राजनीतिक वितंडावादियों ने ‘भाषा’ के नाम पर जिस अराजकता का परिचय दिया। हिंसा का मार्ग अपनाते हुए विभाजनकारी…

स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को आत्मसात कर अग्रसर हों युवा

स्वामी विवेकानंद यह शब्द आते ही मनोमस्तिष्क में एक ऐसी महान विभूति का दृश्य चित्र तैरने लगता है। जो ज्ञान-विज्ञान, धर्म अध्यात्म , त्याग, तप , साहस, शौर्य और पराक्रम…

षड्यंत्रों के साये में राष्ट्रीयता का मानक गढ़ने वाले वीतरागी श्यामा प्रसाद मुखर्जी

24 मई 1952 के दिन प्रधानमंत्री नेहरू और डॉ.कैलाशनाथ काटजू श्रीनगर में थे। लेकिन उन्होंने शेख अब्दुल्ला सरकार के कारावास में बंद श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का हाल-चाल तक पूछना…

भगवान महावीर स्वामी के ज्ञानपुञ्ज से प्रकाशित होता रहेगा संसार

सनातन धर्म संस्कृति जिसमें सदैव सत्य की अनुभूति, खोज तथा उसका वैयक्तिक और सामूहिक तौर पर अनुसन्धान, परिष्करण और परिमार्जन के माध्यम से सृष्टि के लौकिक-पारलौकिक दर्शन की खोज की…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बाबा साहेब अम्बेडकर

  संघ ने ‘व्यक्तिनिष्ठ’ नहीं अपितु ‘तत्वनिष्ठ’ प्रणाली को चरितार्थ किया। इसी का प्रतिफल है कि संघ कार्यों की समाज जीवन में व्यापक स्वीकार्यता हुई। राष्ट्रीयता समरसता, एकता, बंधुता और…

सृष्टि चक्र का शाश्वत सनातन संवाहक भारतीय नवसम्वत्सर

  भारतीय संस्कृति एवं प्रकृति का पारस्परिक तादात्म्य भी अपने आप में अनूठा है। हम प्रायः देखते हैं कि  चैत्र प्रतिपदा के साथ ही प्रकृति में परिवर्तन – नव चैतन्यता,…

राष्ट्रनिष्ठ व शुचितापूर्ण पत्रकारिता के प्रखर स्तम्भ गणेश शंकर विद्यार्थी

  जिस प्रकार लोकमान्य तिलक जी द्वारा सम्पादित ‘मराठा’ एवं ‘केसरी’ ने राष्ट्रवादी पत्रकारिता में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया। उसी प्रकार विद्यार्थी जी द्वारा सम्पादित ‘प्रताप’ ने राष्ट्रवादी  हिंदी पत्रकारिता…

राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक महाकुंभ पर्व

  कुंभ पर्व भारत की सहस्त्राब्दियों पूर्व की सांस्कृतिक एकता – एकात्मता, समरसता और अखण्डता का जीवन्त प्रतीक है। कुंभ का सनातन प्रवाह विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में कभी नहीं…

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