भगवा ध्वज व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ | RSS@100

दुनिया में प्रति वर्ष लाखों सामाजिक संस्थाएं बनती हैं। इनका जीवन दो-चार से लेकर दो-चार सौ वर्ष तक हो सकता है। अधिकांश संस्थाएं अपने संस्थापकों के बच्चों में विभाजित हो…

गुरु पूर्णिमा-भगवा ध्वज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

भारतीय संस्कृति में गुरु की महत्ता सृष्टि के आरंभ से ही अपने चिरकालिक शाश्वत स्वरूप में दिखाई देती है। जो विभिन्न कालप्रवाहों में भी कभी बाधित नहीं हुई। भारतीय संस्कृति…

स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को आत्मसात कर अग्रसर हों युवा

स्वामी विवेकानंद यह शब्द आते ही मनोमस्तिष्क में एक ऐसी महान विभूति का दृश्य चित्र तैरने लगता है। जो ज्ञान-विज्ञान, धर्म अध्यात्म , त्याग, तप , साहस, शौर्य और पराक्रम…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बढ़ते कदम

दिनांक 21 से 23 मार्च तक बंगलूरू में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में दशहरा…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बाबा साहेब अम्बेडकर

  संघ ने ‘व्यक्तिनिष्ठ’ नहीं अपितु ‘तत्वनिष्ठ’ प्रणाली को चरितार्थ किया। इसी का प्रतिफल है कि संघ कार्यों की समाज जीवन में व्यापक स्वीकार्यता हुई। राष्ट्रीयता समरसता, एकता, बंधुता और…

डॉ. हेडगेवार व डॉक्टर अंबेडकर : राष्ट्रोत्थान का समवेत स्वर

  डॉक्टर अंबेडकर और डॉक्टर हेडगेवार में हिंदुओं को एकजुट करने और राष्ट्र के गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव को समाप्त करने की दृष्टि थी।…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बढ़ते कदम

  आज विश्व के 53 देशों में 1,604 शाखाएं एवं 60 साप्ताहिक मिलन कार्यरत हैं। पिछले वर्ष 19 देशों में 64 संघ शिक्षा वर्ग लगाए गए। विश्व के 62 विभिन्न…

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