दुनिया में वैश्विक तनाव चरम पर है, यूरोप से लेकर मिडिल ईस्ट तक पूरा विश्व भू राजनीतिक संकट से जूझ रहा था उसी बीच अमेरिका की टैरिफ वॉर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को और प्रतिस्पर्धी बना दिया। वैश्विक व्यापार युद्ध से अर्थव्यवस्था के साथ पूरा वैश्वीकरण प्रभावित हुआ इन मुद्दों के मद्देनज़र इस बार का रायसीना डायलॉग काफ़ी चर्चा में रहा।
मौसम के बढ़ते पारे के साथ अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के तनाव की गर्मागर्मी के बीच मंच सजा दिल्ली के रायसीना हिल में और मौका था रायसीना डायलॉग के दसवें संस्करण का तीन दिन चले इस बहुपक्षीय सम्मेलन में भारत ने दुनिया को शांति का संदेश दिया हर वर्ष की भांति इस बार रायसीना संवाद का आयोजन नई दिल्ली में हुआ वर्ष 2016 से शुरू हुए इस वैश्विक सम्मेलन का ये दसवाँ संस्करण था इस संवाद की थीम
“Kālachakra – People, Peace and Planet” था।
रायसीना डायलॉग का आयोजन विदेश मंत्रालय और विचारक समूह ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से किया जाता है। इस वर्ष 125 देशों के तक़रीबन 3500 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें विभिन्न देशों के राजनीति विशेषज्ञ, सैन्य प्रमुख, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज, शिक्षाविद और पत्रकार प्रमुख विचारक संस्थाओ के प्रतिनिधि सहित लगभग 20 देशों के विदेश मंत्री भी शामिल हुए विगत कुछ वर्षों से इस सम्मेलन की महत्ता को देखते हुए विदेशी प्रतिनिधियों की संख्या में काफ़ी इजाफ़ा हुआ जो भारत की उभरती वैश्विक प्रभुता को रेखांकित करता है।
रायसीना डायलॉग, भू राजनीतिक और भू आर्थिक मामलों की दृष्टि से एक अहम सम्मेलन है जहाँ भारत अपने वैश्विक नीतियों के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है तथा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में आपसी सहयोग और शांति के लिए प्रतिबद्ध है एवं विश्व के प्रमुख मुद्दों के समाधान के लिए वैश्विक मंच प्रदान करता है।
रायसीना संवाद के इस संस्करण में निम्न विषयों पर कई सार्थक चर्चाएं हुई जैसे
i) Politics Interrupted
(ii) Resolving the Green Trilemma
(iii) Digital Planet
(iv) Mercantilism
(v) The Tiger’s Tale
(vi) Investing in Peace आदि
उपरोक्त सभी विषयों पर विचार विमर्श किया गया इस मंच के माध्यम से विभिन्न देशों ने वैश्विक टकराहट, व्यापारिक हितों एवं तकनीकी क्रांति से उभरी चुनौतियों को दुनिया के सामने रखा तथा भारत की वैश्विक नीति की सराहना की।
भारत अपनी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और समृद्ध बोद्धिक विरासत के साथ एक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में प्रगतिशील है इस वैश्विक मंच पर भारत ने आतंकवाद, कश्मीर मुद्दे पर पश्चिमी देशों के दोहरे मानदंड और हिन्द प्रशांत क्षेत्र में अपनी भूमिका को प्रमुखता से रखा तथा वैश्विक व्यवस्था की निष्पक्षता पर बल दिया अपनी टिप्पणी में विदेश मंत्री ने एक “मजबूत और निष्पक्ष” संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की वकालत की और ऐसे संगठनों की समीक्षा का सुझाव दिया भारत ने दुनिया में व्यापारिक गतिविधियों में तकरार को चिंताजनक बताया।
बहुआयामी चर्चाओं के इस मंच पर विश्व के नेताओं ने मुक्त व्यापार को वैश्वीकरण के हित में बताया और राष्ट्रहित से ऊपर उठकर वैश्विक हितों की रक्षा का आह्वान किया दुनिया ने भारत के वैश्विक शांति के मार्ग को प्रशस्त बताया और इसकी तारीफ़ की इस डायलॉग में यूक्रेनी विदेश मंत्री ,अमरीकी खुफिया निदेशक और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री काफ़ी सुर्खियों में रहे अमरीकी ख़ुफ़िया निदेशक तुलसी गबार्ड ने भारत की समृद्ध संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों की सराहना की इस वैश्विक मंच पर दुनिया ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों की भी चर्चा हुई।
बहरहाल जलवायु परिवर्तन जैसे प्रमुख मुद्दे पर वैश्विक मंचों पर व्यापक चर्चा तो होती है परन्तु धरातल पर इसका क्रियान्वयन नहीं होता क्योंकि विकसित देश विकासशील देशों पर नियम थोपते हैं और ख़ुद इसे गंभीरता से नहीं लेते जिससे भविष्य में प्रकृतिजनित त्रासदियाँ और बढ़ेगी।
भारत हमेशा से ही एक शांतिपूर्ण देश रहा है, जो सभी देशों के साथ परस्पर सम्मान और सहयोग के लिए प्रयासरत रहा है। रायसीना डायलॉग के आयोजन से भारत वैश्विक नेतृत्व के रूप में उभरा है अंतराष्ट्रीय नीति निर्माण में सक्रिय भागीदारी आपसी सहयोग को दर्शाती है इस संवाद से आर्थिक विकास को गति मिलेगी भारत विभिन्न क्षेत्रों में हमेशा निष्पक्ष रहा उसी शांति मार्ग की दुनिया क़ायल है तकनीकी युग में हमारा देश प्रगतिशील है वैश्विक नवाचारों में भारत की भागीदारी अहम् है।
Literally he more then a columnist and dedicator Author also brings Backford society infront of Exclusive rights of Global Village
Literally he is more then a columnist and dedicator Author who brings Backford society infront of Exclusive rights of Global Village
yNhzAXWIckSqWUiNbUwWuh